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Vijay Mallya ने प्रत्यर्पण से बचने को Human Rights का हवाला देकर Britain से मांगी शरण, अब माल्या के पास क्या हैं विकल्प

23 जनवरी 2021, 04:19 PM

Vijay Mallya ने प्रत्यर्पण से बचने को Human Rights का हवाला देकर Britain से मांगी शरण, अब माल्या के पास क्या हैं विकल्प

भारत प्रत्यर्पित (extradition) किए जाने से बचने के लिए भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) ने एक और चाल चली है। ह्यूमन राइट्स का हवाला देकर माल्या ने ब्रिटेन से राजनीतिक शरण (asylum) मांगी है। इसका खुलासा खुद विजय माल्या के वकील फिलिप मार्शल ने लंदन के इन्सॉल्वेंसी एंड कंपनीज कोर्ट (Insolvency and Companies Court) किया, जहां उसके भारत प्रत्यर्पण का केस चल रहा है। फिलिप मार्शल ने जज निगेल बार्नेट (Nigel Barnett) से सवाल के जवाब में बताया कि विजय माल्या प्रत्यर्पण का केस हार गए हैं, लेकिन वे फिर भी लंदन में हैं, क्योंकि उन्होंने ब्रिटेन में ही रहने के लिए गृह मंत्री प्रीति पटेल के समक्ष राजनीतक शरण देने के लिए आवेदन (asylum application) दिया है।

इसके अलावा विजय माल्या ने अपनी कानूनी फीस भरने और अपने खर्च को पूरा करने के लिए फ्रांस में बेची गई अपना संपत्ति से प्राप्त राशि देने की मांग की है। इस राशि पर फिलहाल कोर्ट का कब्जा और हर महीने विजय माल्या को अपना खर्च चलाने के लिए 22,000 पाउंड यानी करीब 22 लाख रुपये मिलते हैं। यह राशि उसके क्लेम और उसके लीगल खर्चों से पहले से ही अधिक है। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने इस संबंध में केवल इस बात की पुष्टि की है कि प्रत्यर्पण आदेश पर अमल किए जाने से पहले की गोपनीय कानूनी प्रक्रिया चल रही है। आपको बता दें कि माल्या ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट में भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ केस हार चुका है। लेकिन प्रीति पटेल जब तक प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर नहीं करतीं, तब तक माल्या ब्रिटेन में जमानत पर रहा सकता है।

इस वजह से प्रत्यर्पण में लग सकता है समय

ब्रिटेन में राजनीतिक शरण मांगने के कारण विजय माल्या को वापस भारत लाने में और विलंब हो सकता है। कानून के जानकारों का कहना है कि ब्रिटेन में उसके केस जीतने की संभावना न के बराबर है, लेकिन फिर भी उसके इस पैंतरे से उसे ब्रिटेन में कुछ दिन और रहने का समय मिल गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि माल्या के ब्रिटेन में रहने के लगभग सभी कानून रास्ते बंद हो गए हैं। लेकिन उसके पास अबी भी कई विकल्प बचते हैं जिससे वह भारत प्रत्यर्पण के मामले में रोड़ अटका सकता है। अभी उसने Asylum के लिए गृह मंत्रालय से गुहार लगाई है। इसके बाद वह ब्रिटेन के गृह मंत्रालय में रिव्यू के लिए आवेदन कर सकता है। इसके बाद भी वह टीयर 1 ज्यूडिशियल अपील और फिर टीयर 2 ज्यूडिशियल अपील कर सकता है। इस वजह से उसके प्रत्यर्पण में समय लग सकता है।

अब माल्या के पास क्या हैं विकल्प

विजय माल्या भले ही प्रत्यर्पण का केस हार गया है, लेकिन वह अपने बचाव के लिए ब्रिटेन के कई कानूनों का मदद ले रहा है। अभी उसने राजनीतिक शरण के लिए आवेदन किया है। अगर वह ब्रिटेन में राजनीतिक शरण पाने का केस भी हार जाता है तो वह European Court of Human Rights में अपील कर सकता है। अगर वह यहां भी केस हार जाता तो वह अंतिम कार्ड अपने हेल्थ को लेकर खेलेगा। वह हेल्थ के ग्राउंड पर प्रत्यर्पण को रोकने के लिए अर्जी लगा सकता है। विकीलिक्स के फाउंडर जूलियन असांजे के केस में ऐसा हुआ है। इससे प्रेरित होकर माल्या भी यह रास्ता अपना सकता है। उसके वकाल पहले से ही उसके खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर भारत प्रत्यर्पण को खारिज करने की मांग करते रहे हैं। 

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