साइन इन | रजिस्टर

स्टॉक्स फंड्स एफ&ओ कमोडिटी

जानिए क्यों रिजेक्ट हो जाता है आपका मोटर इंश्योरेंस क्लेम?

07 जून 2019, 04:06 PM

भारत में कार इंश्योरेंस लेना अनिवार्य है और आप यह इंश्योरेंस मुख्य रूप से भारी-भरकम आर्थिक खर्च से खुद की सुरक्षा के लिए खरीदते हैं, जो एक वाहन के मालिक होने के कारण कभी भी सामने आ सकते हैं। जब भी आप अपनी कार को हुए नुकसान के लिए एक क्लेम करते हैं, तो तुरंत भुगतान की उम्मीद करते हैं और जब आपको बीमा कंपनी से भुगतान नहीं मिलता तो काफी निराशा हो सकती है। इसलिए, क्लेम ना कर पाने की स्थिति से बचने के ले आपको उन हालातों को जानना और समझना होगा, जिनमें आपके द्वारा किया गया एक सच्चा क्लेम भी खारिज हो सकता है।

ड्राइवर की गलतियां

लीगल ड्राइविंग लाइसेंस के बिना ड्राइविंग करना या फिर नशे की हालत में गाड़ी चलाना, मोटर इंश्योरेंस क्लेम खारिज होने के दो सबसे आम कारण हैं। उपरोक्त व्यवहार कानून के खिलाफ जाते हैं इसलिए आपके क्लेम के दौरान बीमा कंपनी ज्यादा कुछ नहीं कर सकती।

पॉलिसी रिन्युअल ना कराना

आपको हर साल अपनी पॉलिसी एक्सपायर होने से पहले रिन्यु कराना बेहद ज़रूरी है। एक पॉलिसी की अवधि समाप्त हो जाने यानि एक्सपायर होने पर उसके लिए किये गये क्लेम पर विचार नहीं किया जाता है। एक्सपायर हो चुकी पॉलिसी लेकर बीमा कंपनी के पास क्लेम लेकर जाने पर आपका क्लेम खारिज कर दिया जाएगा।

दुर्घटना के बारे में देरी से सूचित करना

बीमा कंपनियां आपसे यह उम्मीद करती हैं कि जैसे ही कोई दुर्घटना होती है, उसकी सूचना जल्द से जल्द दी जाए। हालांकि, अगर आप अपना क्लेम दर्ज करने में काफी देर करते हैं और निर्धारित समयावधि में बीमा कंपनी के पास सभी आवश्यकत दस्तावेज जमा नहीं कराते, तो आपका क्लेम खारिज हो सकता है। यह नियम बना लें कि जब भी आपकी कार को नुकसान पहुंचे, तो पहले इसकी सूचना बीमा कंपनी को देंगे और उसके बाद ही मरम्मत कराएंगे।

गाड़ी में बदलाव करना या एक्सेसरीज़ लगाना

जब एक पॉलिसी रिन्यु होती है, तो पिछले पॉलिसी में दर्ज सभी विवरण खुद ब खुद उसमें कवर हो जाते हैं। हालांकि, अगर आप अपनी पॉलिसी में अतिरिक्त एक्सेसरीज़ को कवर करना चाहते हैं, जो पहले कवर नहीं थे, तो इसके लिए बीमा कंपनी को बताना ज़रूरी है। आपकी बीमा कंपनी, वाहन का निरीक्षण करने के बाद और अतिरिक्त प्रीमियम जोड़ने के बाद नई चीज़ों को शामिल करेगी। बीमा कंपनी को अगर सूचित नहीं करते हैं तो इन नई अतिरिक्त चीज़ों के लिए किया गया क्लेम हमेशा खारिज ही होगा।

देश की सीमा से बाहर गाड़ी ले जाना

अगर आपकी गाड़ी का एक्सीडेंट आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी में तय भौगोलिक सीमा से बाहर होता है, तो क्लेम खारिज हो सकता है। आपकी मोटर पॉलिसी में भारतीय जमीन पर कवरेज दिया जाता है। इसलिए अगर देश की सीमाओं के बाहर गाड़ी लेकर जाने (जैसे कि श्रीलंका, पाकिस्तान, मालदीव्स आदि) पर आपको क्लेम का फायदा नहीं दिया जाएगा।

गाड़ी में सामान्य टूट-फूट

कार का पेन्ट उतरना, टायर घिसना आदि जैसी कुछ आम चीज़ें वाहन के सामान्य टूट-फूट में गिनी जाती है और इनके लिए कार इंश्योरेंस के तहत क्लेम स्वीकार नहीं किया जाता। आपकी कार के लिए कोई भी क्लेम सिर्फ दुर्घटना के कारण होने वाले नुकसान या कार चोरी होने पर ही दर्ज किया जाता है।

गलत तरीके से गाड़ी का इस्तेमाल

मोटर इंश्योरेंस का प्रीमियम एक वाहन के इस्तेमाल के आधार पर भी तय किये जाते हैं। उदाहरण के तौर पर निजी इस्तेमाल के लिए उपयोग किये जाने वाले वाहन का प्रीमियम, किसी व्यावसायिक उपयोग वाले वाहन के प्रीमियम से हमेशा अलग होगा। इसलिए, अगर आपके वाहन का इस्तेमाल का तरीका बदल गया है, तो आप बीमा कंपनी से क्लेम का लाभ मिलने की उम्मीद नहीं कर सकते। मोटर इंश्योरेंस के लिए क्लेम करना सबसे आसान है लेकिन कुछ बातों को ध्यान में रखेंगे तभी आपको फायदा मिलेगा।

 तरुण माथुर, चीफ बिजनेस ऑफिसर - जनरल इंश्योरेंस, पॉलिसीबाज़ार.कॉम


« पिछला अगला   »
बड़ी खबरें»
Maharashtra Assembly Elections Voting Live Updates: सुबह 11 बजे तक महाराष्ट्र में 6.79% मतदान
महाराष्ट्र और हरियाणा के अलावा जानिए किन राज्यों में हैं उप-चुनाव
Haryana Assembly Elections Voting Live Updates: सुबह 11 बजे तक हरियाणा में 14% मतदान
Assembly Elections 2019: महाराष्ट्र- हरियाणा में आज चुनाव, दिग्गज हस्तियों ने की वोटिंग
पढ़िए क्रिप्टोकरेंसी पर फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान!